Netanyahu Expels Spain Gaza Ceasefire Center: इजरायल और स्पेन के बीच टेंशन उस वक्त और बढ़ गई, जब इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पेन के प्रतिनिधियों को गाजा युद्धविराम समन्वय केंद्र से बाहर निकालने का ऑर्डर दे दिया। यह केंद्र किर्यात गात में मौजूद है। इसे अंतरराष्ट्रीय समन्वय के लिए बनाया गया था। यह निर्णय स्पेन की तरफ से लेबनान में इजरायली अटैक की कड़ी निंदा के बाद लिया गया।
इजरायली सेना से शत्रुता बर्दाश्त नहीं
बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने स्टेटमेंट में स्पेन पर इजरायली आर्मी को बदनाम करने और देश के खिलाफ शत्रुतापूर्ण रुख अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इजरायल उन देशों को बर्दाश्त नहीं करने वाला है, जो उसके खिलाफ 'कूटनीतिक युद्ध' करने में जुटे हुए हैं।
नेतन्याहू का स्पेन को कड़ा संदेश
इजरायली पीएम नेतन्याहू ने साफ शब्दों में कहा कि जो देश इजरायल की निंदा करते हैं, लेकिन 'आतंकी शासन' के खिलाफ एक शब्द नहीं बोलते है, वे इस इलाके के फ्यूचर को तय करने में भागीदार नहीं बन सकते हैं। उन्होंने ये भी कहा कि ऐसा करने वाले देशों को तुरंत इसकी कीमत चुकानी होगी।
लेबनान की हालत पर स्पेन ने जताई चिंता
दूसरी तरफ, स्पेन के विदेश मंत्री जोसे मैनुएल अल्बारेस ने लेबनान की हालत को चिंताजनक और बेहद गंभीर बताया। उन्होंने आगे कहा कि वहां हो रहे अटैक मानवता के खिलाफ हैं और इनको तुरंत रोका जाना चाहिए। इसके बाद, स्पेन ने लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का समर्थन भी दोहराया।
वहीं, स्पेन के राष्ट्रपति पेद्रो सांचेज़ ने इजरायल के एक्शन की आलोचना करते हुए इंटरनेशनल कम्युनिटी से दखल देने की मांग की। उन्होंने आगे कहा कि लेबनान को भी सीजफायर में शामिल किया जाना चाहिए। यूरोपियन यूनियन को इजरायल के साथ अपनी डील पर पुनर्विचार करना चाहिए। गौरतलब है कि किर्यात गात का यह समन्वय केंद्र 2025 में गाजा में सुरक्षा और मानवीय सहायता को सुचारु करने के लिए स्थापित किया गया था।